वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
5 हजार में बेच रहा था पास, युवक गिरफ्तार
कोलकाता। दुर्गा पूजा के समापन पर रविवार को रेड रोड पर आयोजित भव्य कार्निवल को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह रहा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्यपाल, मंत्री और हजारों दर्शकों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। लेकिन इस बीच कार्निवल के पास को ऊंचे दामों पर बेचने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया।
सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पास बेचने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर निवासी अरूणेश शिल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा था कि उसके पास कार्निवल के विशेष पास उपलब्ध हैं। ये पास असल में केवल आमंत्रित अतिथियों और प्रशासनिक अधिकारियों को दिए जाते हैं। आरोप है कि अरूणेश ने अलग-अलग जगहों से कई पास जुटाए और उन्हें 3 से 5 हजार रुपये प्रति पास के हिसाब से बेचने लगा। खबर है कि कई लोगों ने उससे संपर्क किया और उसने सौदेबाजी कर पास बेच भी दिए। शेक्सपियर सरणी थाने की पुलिस को जब यह जानकारी मिली तो थाने की ओर से टीम का गठन कर जांच शुरू की गयी। शिकायत दर्ज होने के बाद सोमवार को पुलिस ने अरूणेश को उसके घर हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से कार्निवल के कई असली पास बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सोमवार को बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे 10 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पास घोटाले में और कौन-कौन शामिल थे और उसने इतने पास कहां से जुटाए। कार्निवल कार्यक्रम में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए थे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आमंत्रण पास की बिक्री गैरकानूनी है और ऐसे किसी भी व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेड रोड कार्निवल हर साल दुर्गा पूजा के बाद आयोजित किया जाता है, जिसे देखने के लिए हजारों लोग उमड़ते हैं। सीमित सीटिंग और सुरक्षा कारणों से इस कार्यक्रम में प्रवेश केवल निमंत्रण-पत्र से ही संभव होता है।
बताते चलें कि कार्निवल की तरह ही दुर्गापूजा फोरम की ओर से प्रकाशित मुफ्त पूजा पंडालों के पास के भी सोशल मीडिया में बेचे जाने की शिकायत आयी थी, जिसे लेकर पुलिस जांच कर रही है। इसी कड़ी में सरकारी कार्यक्रम के पास सोशल मीडिया पर हजारों रुपए के दर से बेचे जाने को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं कि आखिर सरकारी कार्यक्रम व मुफ्त में आमलोगों को दिये जाने वाले पास की बिक्री पर लगाम कैसे कसा जाए।